प्रदूषण मार डालेगा! दिल्ली में AQI 600 के करीब, नोएडा-ग्रुरुग्राम में भी सांस लेना दूभर

 प्रदूषण मार डालेगा! दिल्ली में AQI 600 के करीब, नोएडा-ग्रुरुग्राम में भी सांस लेना दूभर

एक्यूआई अगर 400 से ऊपर हो तो उसे गंभीर माना जाता है और यह स्वस्थ लोगों को प्रभावित कर सकता है और मौजूदा बीमारियों से जूझ रहे लोगों को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है.

दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण अब मार ही डालेगा. ऐसा हम इसलिए कह रहे हैं, क्योंकि दिल्ली-एनसीआर की तस्वीर अब दिन पर दिन धुंधली होती जा रही है. दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और ग्रुरुग्राम को प्रदूषण ने अपनी चपेट में ले लिया है. हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं. सिस्टम ऑफ एयर क्वालिटी एंड वेदर फोरकास्टिंग एंड रिसर्च के मुताबिक, दिल्ली विश्वविद्यालय क्षेत्र में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 563 (गंभीर) श्रेणी में पहुंच गया है. इसके अलावा एयरपोर्ट (टर्मिनल 3) क्षेत्र में भी AQI 489 हो गया. वहीं, गुरुग्राम में AQI 539 और नोएडा में AQI 562 है. ऐसे में कभी भी एक्यूआई 600 के पार पहुंच सकता है.

दिल्ली में एक्यूआई अति गंभीर श्रेणी में पहुंचने के करीब है, ऐसे में हालात को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने दिल्ली और आसपास के एनसीआर जिलों में डीजल से चलने वाले चार पहिया हल्के मोटर वाहनों (एलएमवी) के चलने और राष्ट्रीय राजधानी में ट्रकों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने का निर्देश दिया. ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रेप) के अंतिम चरण के तहत प्रदूषण रोधी उपायों के हिस्से के रूप यह कदम उठाया गया है.

ऑड-ईवन के आधार पर वाहनों के चलने पर फैसला लें- SQM

सीएक्यूएम की ओर से जारी एक आदेश के मुताबिक, बीएस-6 मानक वाले वाहनों और आवश्यक और आपातकालीन सेवा में इस्तेमाल हो रहे वाहनों को छूट दी गई है. आदेश में कहा गया है कि राज्य सरकार शैक्षणिक संस्थानों को बंद करने, गैर-आपातकालीन वाणिज्यिक गतिविधियों और ऑड-ईवन के आधार पर वाहनों के चलने पर फैसला ले सकती है. केंद्र और राज्य सरकारें घर से काम करने की इजाजत पर फैसला ले सकती हैं.

400 से ऊपर एक्यूआई है गंभीर

एक्यूआई अगर 400 से ऊपर हो तो उसे गंभीर माना जाता है और यह स्वस्थ लोगों को प्रभावित कर सकता है और मौजूदा बीमारियों से जूझ रहे लोगों को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के मुताबिक दिल्ली की वायु गुणवत्ता बृहस्पतिवार को भी गंभीर श्रेणी में बनी रही. राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) ने दिल्ली सरकार से राजधानी के विद्यालयों को वायु गुणवत्ता सुधरने तक बंद करने के लिए कहा है.

 

टिप्पण्या

news.mangocity.org