किसान ने उधार लेकर बेटे को बनाया पहलवान, अब वर्ल्ड चैंपियनशिप में रचा इतिहास

ग्रीको रोमन में भारत के लिए इस पहलवान ने बड़ी उपल्बधि हासिल की है. ये हालांकि पहली बार नहीं है कि इस खिलाड़ी ने ऐतिहासिक काम किया हो.
ऐसे जीता पदक
पहले राउंड में साजन ने लिथुआनिया के एसटिस लियागमिनास को 3-0 से मात दी थी. इसके बाद वह प्री क्वार्टर फाइनल में मोलडोवा के एल्कजेंडरिन गुटु से 0-8 से हार गए थे. गुटु ने फाइनल में जगह बनाई तो साजन को रेपचेज खेलने का मौका मिला. इस खिलाड़ी ने इस मौके को दोनों हाथ से भुनाया और पदक अपने नाम किया.
पिता ने उधार ले बनाया करियर
साजन कसांडी गांव के रहने वाले हैं और उनके पिता महिपाल किसान हैं. घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी और इसलिए उनके पिता को दूसरों से पैसे लेकर अपने बेटे का करियर संवाना पड़ा. 19 सितंबर 2018 को द स्क्रोल ने अपनी रिपोर्ट में साजन के पिता के हवाले से लिखा है, “देश के बहुत खिलाड़ी शान बढ़ा रहे थे तो मैंने भी इसे खिलाड़ी बनाने का सोचा. मुझे नहीं पता ये यहां तक कैसे पहुंच गया लेकिन ये इसकी मेहनत होगी. मैंने इसकी मदद करने की कोशिश की लेकिन हमारी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी इसलिए हमें उधार पैसे लेने पड़े, और कोचों ने भी मदद की.”
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